Breaking News
Hamirpur UP -: मुस्करा ब्लाक के सिवनी गांव में बाढ़ और भारी बारिश के बावजूद 167 मजदूरों ने की मजदूरी
Hamirpur UP -: कलेक्ट्रेट स्थित डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम सभागार में जिला एकीकरण समिति की बैठक सम्पन्न।
Hamirpur UP -:गणेश सिंह विद्यार्थी उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के जिला संयोजक बनाए गए
Hamirpur UP -खाद की कमी से किसानों में हाहाकार, लंबी लाइनों में इंतजार के बावजूद खाली हाथ लौटे किसान
Lucknow -: यूपी में ठाकुर राज पर टिप्पणी करने वाले दो पत्रकारों पर रिपोर्ट दर्ज
- SADDAM HUSEN Editor in Chief
- 21 Sep, 2024
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करने के बाद दो वरिष्ठ पत्रकारों, अभिषेक उपाध्याय और ममता त्रिपाठी, के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इन दोनों ने सोशल मीडिया पर राज्य के विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जातियों को लेकर सवाल उठाए थे, खासकर इस बात पर कि कैसे योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ठाकुर जाति के अधिकारियों को प्रभावशाली पदों पर तैनात किया गया है शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ईश्वर का अवतार बताया और दावा किया कि पत्रकारों का उद्देश्य योगी जी की छवि को खराब करना और देश की अखंडता को खतरे में डालना है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों के विदेशी संपर्क हो सकते हैं और वे विदेशी फंडिंग से योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इस मामले पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सपा ने सोशल मीडिया पर कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी को नॉन बायोलॉजिकल और ईश्वर का अवतार कहा गया, अब यूपी के सीएम योगी को भी ईश्वरीय अवतार बताया जा रहा है। सपा ने सवाल किया कि क्या यह एफआईआर मुख्यमंत्री योगी ने खुद के निर्देश पर लिखवाई है ताकि वे दिल्ली वालों के सामने खुद को उनसे बड़ा साबित कर सकें। सपा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये कदम सिर्फ योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है, ताकि वे प्रधानमंत्री मोदी से भी ज्यादा प्रभावशाली और ईश्वरीय छवि बना सके लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज इस प्राथमिकी ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। पत्रकारों ने राज्य की अफसरशाही में जाति विशेष के प्रभुत्व पर सवाल उठाए थे, खासकर ठाकुरवाद और यादववाद के मुद्दों पर, जो अब एक राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







