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New Delhi -: नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई IC 814 The Kandahar Hijack ने 25 साल पुराने घाव किये ताजे
- SADDAM HUSEN Editor in Chief
- 09 Sep, 2024
नई दिल्ली। हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई IC 814 The Kandahar Hijack ने 25 साल पुराने घाव को ताजा कर दिया है। इस वेब सीरीज में कंधार हाईजैक की घटना को दिखाया गया है, जब 1999 में अफगानिस्तान के कंधार में अपहृत इंडियन एयरलाइंस के विमान के यात्रियों को छोड़ने के बदले में तीन आतंकवादियों को छोड़ना पड़ा था। इस हाईजैक के बदले में मसूद अजहर, मुश्ताक जरगर और उमर शेख को छोड़ना पड़ा था। इस घटना के बाद भी इन तीनों आतंकवादियों ने भारत को कई घाव दिए। आज भी ये तीनों आतंकवादी भारत के खिलाफ नापाक साजिश रच रहे हैं। आइये जानते हैं कि ये तीनों आतंकवादी आज कहां पर हैं और क्या कर रहे हैं... कंधार हाईजैक के दौरान छोड़े गए तीनों आतंकियों में से मसूद अजहर सबसे खूंखार है। मसूद अजहर ने भारत पर कई हमलों की साजिश रची। उस समय मसूद अजहर जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद था। एयर इंडिया के विमान को हैक करने वाले आतंकियों ने घटना के बाद मसूद अजहर को छोड़ने की मांग रखी थी। वहीं जेल से छूटने के बाद मसूद अजहर ने एक बार फिर से अपने संगठन जैश-ए-मोहम्मद को खड़ा किया। इसके बाद से लगातार वह भारत के खिलाफ नापाक हरकतों को अंजाम दे रहा है। भारतीय संसद पर हमला, मुंबई में हमला और पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले मसूद अजहर का हाथ था। इसके अलावा पुलवामा हमले में भी उसके हाथ होने के सबूत हैं, जिसमें सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। कंधार हाईजैक के बाद छोड़े गए तीन आतंकवादियों में मुश्ताक जरगर भी शामिल था। मुश्ताक जरगर आज भी भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा हुआ है। मुश्ताक जरगर को 15 मई 1992 को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि कंधार हाईजैक के दौरान उसे मसूद अजहर और शेख उमर के साथ छोड़ना पड़ा था। छूटने के बाद मुश्ताक जरगर एक कश्मीरी आतंकी कमांडर के तौर पर काम कर रहा है। इसके अलावा वह जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान में आतंकी संगठन चला रहा है। जरगर आज भी जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में है और कश्मीर में आतंकी घटनाओं को सक्रिय रूप से अंजाम देने में इसकी अहम भूमिका होती है। मुश्ताक जरगर ने घाटी में कई आतंकियों समूहों के लिए लोगों की भर्तियां भी की हैं। आज भी मुश्ताक जरगर पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ काम कर रहा है। साल 1999 में कंधार हाईजैक की घटना के बाद उमर शेख को भी छोड़ना पड़ा था। उमर शेख का पूरा नाम अहमद उमर सईद शेख है। ये पाकिस्तानी मूल का ब्रिटिश आतंकवादी है। उमर शेख ने साल 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल को पाकिस्तान में किडनैप करवाया और उनकी हत्या करवा दी थी। इसके बाद कोर्ट ने उमर शेख को फांसी की सजा भी सुनाई थी, लेकिन सालों बाद अब सिंध हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा से मुक्त कर दिया है। आज भी उमर शेख जिंदा बताया जाता है। उमर शेख के पाकिस्तान में ही होने का भी दावा किया जाता है।
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