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सेबी प्रमुख माधवी पर चौतरफा लग रहे गंभीर आरोप
- SADDAM HUSEN Editor in Chief
- 06 Sep, 2024
सेबी प्रमुख माधवी पर चौतरफा लग रहे गंभीर आरोप
नई दिल्ली। इन दिनों सेबी चीफ माधरी पुरी बुच चर्चा के केंद्र में बनी हुई हैं। एक के बाद एक आरोप इनपर लग रहे हैं। हालांकि अभी तक लगे सभी आरोपों को सेबी प्रमुख ने निराधार बताया है और सफाई पेश की है। माधवी पुरी बुच पर हिंडनबर्ग आरोप से लेकर आईसीआईसीआई बैंक से सैलरी लेने और फिर कर्मचारियों के लिए टॉक्सिक वर्क कल्चर जैसे कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। कांग्रेस माधवी पुरी से लगातार सेबी चीफ के पद से इस्तीफा देने की मांग कर रही है।अब एक नई खबर आई है कि सरकारी खर्चों पर निगरानी रखने वाली संस्था लोक लेखा समिति (पीएसी) ने इस साल अपने एजेंडे में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रदर्शन की समीक्षा को शामिल करने का निर्णय लिया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संसदीय समिति ने अपना एजेंडा अधिसूचित कर दिया है और समीक्षा प्रक्रिया के दौरान वर्तमान सेबी प्रमुख को तलब कर सकती है। ऐसे में देखा जाए तो सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच चौतरफा घिरती हुई नजर आ रही हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बुच ने 2017 से 2024 के बीच आईसीआईसीआई बैंक, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल, ईएसओपी से 16.80 करोड़ रुपये हासिल किए थे। कांग्रेस का दावा था कि बुच ने सेबी चीफ रहते इतनी सैलरी नहीं पाई, जितनी कि उन्हें प्राइवेट बैंक से मिल रहे थे। हालांकि बैंक ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें सैलरी नहीं दी जा रही थी, बल्कि रिटायरमेंट बेनिफिट दिए जा रहे थे। वित्त मंत्रालय को सेबी के 500 कर्मचारियों ने पत्र लिखा था कि माधबी पुरी बुच मीटिंग्स में चिल्लाती है और डांटती है। सेबी प्रमुख पब्लिकली बेइज्जती भी करती हैं। उनका आरोप था कि पिछले दो-तीन साल से सेबी में टॉक्सिक माहौल है। वर्क कल्चर खराब हो चुका है। कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय को यह लेटर 5 पन्नों में दिया था। वहीं बुधवार को सेबी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें कर्मचारियों को बाहरी तत्वों द्वारा गुमराह बताया गया, जिसे लेकर कर्मचारियों ने कर्मचारियों ने मुंबई में प्रदर्शन किया और माधवी पुरी बुच से इस्तीफे की मांग की है। इन सभी आरोपों के बाद सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच चौतरफा घिरती हुई नजर आ रही हैं।
हिंडनबर्ग का आरोप था कि अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में सेबी चीफ माधवी पुरी बुच और उनके पति की हिस्सेदारी है। रिपोर्ट में अडानी ग्रुप और सेबी के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया था। हालांकि, सेबी चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने आरोपों को खारिज कर चुके हैं। बुच दंपति का कहना है कि कुछ भी नहीं छिपाया गया। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं। वहीं, अडानी ग्रुप ने आरोपों को आधारहीन बताया और इसे मुनाफा कमाने और बदनाम करने की साजिश करार दिया था।
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