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Hamirpur UP -: डीएपी खाद की जगह नैनो डीएपी, नैनो यूरिया का उपयोग कर सकते हैं किसान-कृषि अधिकारी

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हमीरपुर-: कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में स्थित सहकारिता विभाग को रबी अभियान 2024-25 हेतु फास्फेटिक उवर्रक का माह नवम्बर 2024 तक 7039 मै0टन लक्ष्य आवंटित किया गया है। जिसके सापेक्ष आज 28 नवम्बर 2024 तक फास्फेटिक उवर्रक की कुल उपलब्धता 9941 मै0टन करायी जा चुकी है। जिसमें से अब तक 9497 मै0टन फास्फेटिक उवर्रक का वितरण सहकारिता विभाग के कुल 64 बिक्री केन्द्रों/सहकारी समितियों द्वारा कराया जा चुका है, जो माह नवम्बर 2024 तक आवंटित लक्ष्य का 134 प्रतिशत है, जबकि गतवषर् 2023-24 के रबी अभियान में माह नवम्बर तक फास्फेटिक उवर्रक का वितरण 6673 मै0टन था। इस प्रकार जनपद हमीरपुर का फास्फेटिक उवर्रक का सहकारिता विभाग का वितरण गतवषर् के सापेक्ष 2614 मै0टन अधिक है। इसके साथ ही अवगत कराना है कि जनपद को शीघ्र ही एक रैक इफको डीएपी प्राप्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। सहकारिता विभाग के सभी बिक्री केन्द्रों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया भी उपलब्ध है। वतर्मान में जनपद में बिक्री केन्द्रों पर 358 मै0टन डीएपी उपलब्ध है जिसका वितरण कराया जा रहा है तथा जनपद हेतु 1700 मै0टन यूरिया की एक रैक महोबा रैक प्वाइंट पर आ गयी है, जिसे कल से सभी समितियों/बिक्री केन्द्रों पर प्रेषित कराया जायेगा। 

इसके साथ ही जनपद में स्थित निजी बिक्री केन्द्रों पर रबी अभियान 2024-25 का फास्फेटिक उवर्रक का लक्ष्य माह नवम्बर तक 7147 मै0टन है। जिसके सापेक्ष आज 28 नवम्बर 2024 तक निजी विक्रय केन्द्रों पर फास्फेटिक उवर्रक की उपलब्धता 6744 मै0टन करायी जा चुकी है। जिसमें से 5229 मै0टन फास्फेटिक उवर्रक का वितरण कराया जा चुका है।
जनपद में निधार्रित दरों से अधिक दरों पर उवर्रक की बिक्री को रोकने के लिये कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के कमर्चारियों द्वारा संयुक्त रूप से सतत निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि निजी उवर्रक बिक्री केन्द्रों पर इफको के अतिरिक्त अन्य फमार्ें एवं कम्पनियों की डी0ए0पी0 जैसे-कृभको, आई0पी0एल0, पी0पी0एल0, सी0पी0सी0एल0 एवं आर0सी0एफ0 आदि जनपद में वितरण हेतु उपलब्ध है। इन फमोर्ं/कम्पनियों के उवर्रकों में भी वहीं तत्व उसी प्रतिशत में है, जो इफको डी0ए0पी0 में है तथा अन्य फमोंर् की डी0ए0पी0 भी प्रमाणित उवर्रकों में सम्मिलित है इसलिये कृषक भाई किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें।
वतर्मान माह में गेहूॅ एवं अन्य फसलों की बुवाई हेतु पयार्प्त मात्रा में उवर्रक उपलब्ध है। जनपद में किसी भी प्रकार के उवर्रक की कोई कमी नहीं है तथा डी0ए0पी0 उवर्रक की आपूतिर् निरन्तर की जा रही है। कृषक भाइयों से अनुरोध है कि खतौनी में अंकित भूमि एवं आधार काडर् के आधार पर ही उवर्रक का क्रय करें तथा क्रय करते समय पी0ओ0एस0 मशीन से निकलने वाली पचीर् अवश्य प्राप्त करें। 
इसके साथ ही आप सभी से अपील की जाती है कि मृदा परीक्षण के आधार पर वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार फसलों में संतुलित उवर्रक का प्रयोग करें तथा यूरिया, डी0ए0पी0, एन0पी0के0 एवम एम0ओ0पी0 के स्थान पर वैकल्पिक उवर्रकों यथा-नैनो तरल यूरिया/नैनो तरल डी0ए0पी0, सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) एवं सिंगल सुपर फास्फेट, हरी खाद, जैविक खाद, वमीर् कम्पोस्ट एवं फसल चक्र को अपनायें तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती की विधा को भी अपनाते हुये खेती करें। इससे खेती की लागत में कमी आयेगी तथा मृदा एवं पयार्वरण के स्वास्थ्य में सुधार होने के साथ-साथ जो उत्पाद प्राप्त होगा, वह उच्च गुणवत्तायुक्त एवं मानव स्वास्थ्य के लिये लाभकारी होगा, जिसका बाजार मूल्य भी अधिक प्राप्त होगा, जिससे आप सभी की आय में भी वृद्वि होगीं।
 इसके साथ ही समस्त सहकारी/निजी उवर्रक विक्रेताओं को निदेर्शित किया जाता है कि अपने प्रतिष्ठान के बाहर रेट बोडर् एवं स्टाक बोडर् अवश्य लगाये, अन्यथा की दशा में आपके खिलाफ उवर्रक नियत्रंण आदेश 1985 मे निहित प्राविधानों के तहत कायर्वाही अमल में लायी जायेगी।


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